डिप्टी CM अरुण साव का अफसरों को दो टूक, विकास कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं: सुकमा समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश, कहा – अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
रायपुर/सुकमा। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने सुकमा जिले में विकास कार्यों और विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुख कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावी कार्यशैली, नई तकनीकों के उपयोग और नियमित फील्ड मॉनिटरिंग से ही जनसमस्याओं का त्वरित समाधान संभव है।
सुकमा जिला मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए सड़क, पुल-पुलिया और भवन निर्माण परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों में आने वाली संभावित बाधाओं का पूर्व आकलन कर समय रहते उनका समाधान किया जाए, ताकि परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा में पूरी हो सकें।

जल जीवन मिशन को प्राथमिकता देने के निर्देश
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान श्री साव ने जल जीवन मिशन के लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने, जल स्रोतों के क्लोरीनेशन, पानी टंकियों की नियमित सफाई और नल-जल योजनाओं के बेहतर संचालन एवं संधारण के निर्देश दिए।
बारिश से पहले सफाई और जल संरक्षण पर जोर
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा में उप मुख्यमंत्री ने वर्षा ऋतु से पहले नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई पूर्ण करने, पेयजल गुणवत्ता की नियमित जांच तथा स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने रेन वाटर हार्वेस्टिंग और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ ही शहरी निकायों में नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर भी बल दिया।

“अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ”
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय, जवाबदेही और टीम भावना के साथ कार्य करें तथा फील्ड में सक्रिय रहकर योजनाओं और विकास कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित करें| बैठक में सुकमा के कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।











